Delhi Coronavirus Cases At 40 Day High, Infection Uptick Also Reported From UP and Haryana As XE Variant Threatens New Wave – दिल्ली में 40 दिन बाद फिर डरा रहा कोरोना, 24 घंटे में 48% बढ़ गए केस, यूपी और हरियाणा में भी बढ़े मामले, जानिए क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट्स

0
11


दिल्‍ली में कोरोना के 800 से ज्‍यादा एक्टिव केस

अप्रैल के महीने में दिल्‍ली के कोविड आंकड़ों में धीरे-धीरे इजाफा हुआ है। 31 मार्च को डेली केसेज का सात दिनी औसत 104 था जो बुधवार को 180 पहुंच गया। Dr Dang’s लैब के फाउंडर और चेयरमैन डॉ नवीन डांग ने हमारे सहयोगी टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, ‘केसेज की असल संख्‍या ज्‍यादा हो सकती है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि कई लोग होम टेस्‍ट किट्स का इस्‍तेमाल कर रहे हैं और RT-PCR करवाने के बजाय घर पर ही आइसोलेट कर ले रहे हैं।’

बुधवार को भी दिल्ली में 173 मरीज रिकवर हुए। कोविड के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर आठ सौ के पार 814 तक पहुंच गई। राहत की बात यह है कि कोविड पॉजिटिव केवल 11 मरीज ही इलाज के लिए एडमिट हैं। इसमें से 5 मरीज आईसीयू में है और वेंटिलेटर पर एक भी मरीज नहीं है। 11 में से 10 दिल्ली से हैं और एक मरीज दिल्ली से बाहर के हैं।

गुड़गांव डेंजर जोन में… नोएडा, गाजियाबाद के स्‍कूलों में कोरोना

गुड़गांव में 146 नए संक्रमित मिले

43 दिन बाद बुधवार को 24 घंटे में 146 नए संक्रमितों की पहचान हुई। 79 संक्रमित कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए। रोज बढ़ रहा पॉजिटिविटी रेट हालात के बिगड़ने का इशारा कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना बुलेटिन में पॉजिटिविटी रेट अब बताना बंद कर दिया है। ऐसे में एक बार फिर से सतर्क रहने की जरूरत है। पाबंदियों में छूट व मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना वसूला जाना बंद किए जाने के बाद संक्रमण एक बार फिर बेकाबू होने लगा है। अप्रैल की शुरुआत से ही संक्रमण में इजाफा देखा जा रहा है। 13 दिनों में 875 संक्रमित की पहचान हुई है।

नोएडा में 4 दिन में 30 से अधिक बच्चे संक्रमित

बुधवार को भी 9 बच्चों समेत 33 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद सीएमओ ने सभी स्कूलों को आदेश जारी किया है कि किसी भी बच्चे के कोविड पॉजिटिव मिलने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दें। नए मरीजों की बढ़ती हुई संख्या से सक्रिय मरीजों की संख्या भी 90 हो गई है। 4 दिन में 30 से अधिक बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से करीब 10 बच्चों ने कोविड वैक्सीन नहीं ली है। संक्रमित मिल रहे अधिकांश बच्चों के बारे में स्वास्थ्य विभाग को यह जानकारी नहीं है कि वे किस स्कूल के हैं। इसके अलावा यह जानकारी भी नहीं होती है कि बच्चे ने कोविड से बचाव का टीका लिया है या नहीं।

गाजियाबाद के 2 और स्कूलों में 2 छात्र संक्रमित

बुधवार को वसुंधरा सेक्टर-6 के एमिटी इंटरनैशनल स्कूल में छठी क्लास के एक बच्चे में कोरोना की पुष्टि हुई। वहीं, मंगलवार देर शाम वसुंधरा के सेठ आंनदराम जयुपिरया स्कूल में 10वीं का छात्र भी संक्रमित मिला। इससे पहले इंदिरापुरम के सेंट फ्रांसिस स्कूल और वैशाली के केआर मंगलम स्कूल में भी कोरोना के कुल 5 केस मिले थे, जिसके बाद स्कूलों को बंद कर दिया गया था। हालांकि बुधवार को केआर मंगलम स्कूल खुला, लेकिन इसमें कक्षा छह को बंद ही रखा गया। स्कूल मैनेजमेंट ने बताया कि 3 कोरोना पॉजिटिव केस कक्षा 6 से ही आए हैं, ऐसे में उसे सोमवार को ही खोला जाएगा। वहीं, सेंट फ्रांसिस स्कूल मंगलवार को खुलेगा। कोविड केस की पुष्टि होने के बाद स्कूलों में नियमों को लेकर सख्ती कर दी गई है।

फरीदाबाद में 27 नए केस सामने आए

कोरोना का खतरा फिर बढ़ रहा है। इसके बावजूद लोग लापरवाही नहीं छोड़ रहे हैं। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने 27 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि की है जबकि 12 लोगों को स्वस्थ घोषित किया गया है। 44 दिन बाद इतने अधिक मरीज एक साथ मिले हैं। इससे पहले 20 फरवरी को 34 संक्रमितों की पुष्टि हुई थी। उसके बाद एकदम से केस घट गए थे। अब फरीदाबाद में एक्टिव केस 78 हो गए हैं।

यूपी में दोगुने हो गए कोरोना के नए केस

बीते 24 घंटों में यूपी में कोरोना के नए केसों की संख्या दोगुनी हो गई है। बुधवार को प्रदेश में 77 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि मंगलवार को इनकी संख्या 35 थी। सबसे ज्यादा 40 नए केस नोएडा में सामने आए हैं। नोएडा में स्कूली बच्चों में तेजी से संक्रमण फैल रहा है। बुधवार को 9 बच्चे वायरस की चपेट में आए। इसे देखते हुए स्कूलों ने हेल्पलाइन जारी कर संक्रमित हुए बच्चों की सूचना देने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद में 16, लखनऊ में पांच, फतेहपुर में चार लोग वायरस की चपेट में आए हैं। कुल 12 जिलों में सक्रमित मिले हैं जबकि 63 जिलों में सक्रमितों की संख्या शून्य है। प्रदेश में कुल ऐक्टिव मरीजों की संख्या 380 हो गई है।

जिन्होंने नहीं छोड़ा मास्क और बरती सोशल दूरी, वे तीनों लहरों में बचे रहे

मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। शुरू से लेकर अब तक जिन लोगों ने इन तरीकों को सख्ती से अपनाया, वो कोरोना के तीनों वेव में बचे रहे। इसका खुलासा एक सर्वे में हुआ है। हर 10 में से 8 परिवार ऐसे पाए गए जिन्होंने इन तरीकों को अपनाया तो उन्हें कोरोना नहीं हुआ। यही वजह है कि कोरोना महामारी के दो साल बीत जाने के बाद भी एक्सपर्ट्स बार-बार मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दे रहे हैं।

लोकल सर्कल के एक सर्वे में इसका खुलासा हुआ है। देश में 345 जिलों के कुल 29 हजार लोगों ने इसमें हिस्सा लिया था। 61 पर्सेंट पुरुष और 39 पर्सेंट महिलाएं इसमें शामिल हुईं। सर्वे में देश के पहली श्रेणी के 45 पर्सेंट शहर, 35 पर्सेंट दूसरी श्रेणी के और तीसरी और चौथी श्रेणी के शहर से 24 पर्सेंट लोग शामिल हुए थे। जिस तरह देश में महामारी के हालात बने हुए हैं और बीच-बीच में नए वेरिएंट की बात सामने आती रहती है, उसे देखते हुए इस बात का खुलासा होना कि जिन्होंने मास्क सही तरीके से पहना और लोगों से दूरी बनाए रखी, उन्हें कोरोना नहीं हुआ। अगर लोग इसे आज भी अपनाते रहते हैं, तो उन्हें नए वेरिएंट से बचाव मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here