Dangerous Delhi Roads list: साइकल सवारों के लिए दिल्ली की ये 10 जगहें हैं सबसे खतरनाक, lists of top dangerous roads of delhi for cyclists

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नई दिल्ली: राजधानी में पैदल चलने वालों के बाद सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें अगर किसी की होती है, तो वे साइकल सवार हैं। अमूमन फैक्ट्रियों, बाजारों और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले गरीब तबके के मजदूर एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने के लिए बड़ी संख्या में साइकल का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा आजकल कई लोग अपनी फिटनेस दुरुस्त रखने के लिए भी साइकल चलाने लगे हैं, लेकिन दिल्ली की सड़कों पर साइकल चलाने के लिए सुरक्षित वातावरण के अभाव में अक्सर ये साइकल सवार सड़क हादसे का शिकार बन जाते हैं।

इनमें ज्यादातर मजदूर ही होते हैं, जो पैसों के अभाव में केवल सस्ती साइकल खरीद पाते हैं, मगर इन साइकलों में सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं होता है। ऐसे में रात के वक्त जब ये मजदूर सड़कों से गुजरते हैं, तो साइकल दूर से नजर तक नहीं आती। पिछले कुछ सालों में ट्रैफिक पुलिस समेत अन्य एजेंसियों और संस्थाओं की तरफ से किए जा रहे प्रयासों के बाद साइकल सवारों की मौत के आंकड़ों में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन अभी भी दिल्ली में होने वाले कुल सड़क हादसों में इनकी तादाद 4-5 पर्सेंट के आसपास है।

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मजदूर तबके के लोग बनते हैं हादसों का शिकार
वैसे तो पूरी दिल्ली ही साइकल फ्रेंडली नहीं हैं, लेकिन कुछ जगहें ऐसी हैं जो साइकिल सवारों के लिए बेहद खतरनाक हैं। इनमें भलस्वा चौक, पंजाबी बाग चौक, मुकरबा चौक, जखीरा फ्लाईओवर, लिबासपुर बस स्टैंड, मुकुंदपुर चौक, मोती बाग फ्लाईओवर, नंगली पूना, सिरसपुर और शास्त्री पार्क रेड लाइट शामिल हैं। इन जगहों के आसपास या तो बड़ी तादाद में ऐसी घनी बस्तियां और झुग्गी क्लस्टर्स हैं, जहां मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं या जहां आस-पास कोई बड़ा व्यावसायिक या औद्योगिक इलाका है, जहां पर मजदूर बड़ी तादाद में रोज कामकाज के लिए आते-जाते हैं। चूंकि इन जगहों पर ट्रैफिक भी हैवी रहता है और खुली चौड़ी सड़कों पर साइकल सवारों के लिए अलग से या तो सुरक्षित लेन नहीं हैं या उनमें बाइक सवारों और रेहड़ी पटरी वालों ने कब्जा कर रखा है, इसीलिए साइकल सवारों को सड़क पर दूसरी गाड़ियों के बीच से होकर ही गुजरना पड़ता है। ऐसे में कई बार वे तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ जाते हैं।

डब्ल्यूएचओ ने भी जताई है चिंता
रोड सेफ्टी पर डब्ल्यूएचओ की ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट-2018 के अनुसार, संवेदनशील रोड यूजर्स, जिनमें पैदल चलने वाले, साइकल और दुपहिया सवार शामिल हैं, वे सुरक्षित गाड़ियां खरीदने में सक्षम नहीं हैं। वहीं सड़क की प्लानिंग, डिजाइन और ऑपरेशन की रूपरेखा बनाते वक्त भी उन्हें बिल्कुल नजरअंदाज कर दिया जाता है। कई देशों में तो साइकल सवारों के लिए अलग सुरक्षित लेन या सड़क पार करने के लिए प्रॉपर क्रॉसिंग तक नहीं होती और वहां तेज रफ्तार गाड़ियों के कारण पैदल यात्री, साइकल सवार और दुपहिया चालक हादसों का शिकार हो जाते हैं।

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और सीआरआरआई के रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि हमारे देश में ज्यादातर सड़कें और फ्लाईओवर यही सोचकर बनाए जाते हैं कि वहां से गाड़ियां तेजी से निकल सकें। ऐसे में बाकी के रोड यूजर्स की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। यहां तक कि कई बार उनके सड़कों पर या फ्लाईओवर से गुजरने के लिए पर्याप्त जगह तक नहीं छोड़ी जाती है, जिसके चलते हाई स्पीड गाड़ियों के बीच से गुजरते वक्त वे अक्सर हादसों का शिकार हो जाते हैं। दिल्ली में साइकल सवारों के लिए सबसे ज्यादा जानलेवा 10 जगहों पर भी यही स्थिति देखने को मिलती है।

साइकल सवारों के लिए दिल्ली के टॉप-10 ब्लैक स्पॉट्स

जगह सिंपल एक्सिडेंट जानलेवा हादसे जख्मी मौतें
भलस्वा चौक 3 8 3 8
पंजाबी बाग चौक 11 7 16 7
मुकरबा चौक 11 7 15 7
जखीरा फ्लाईओवर 10 6 16 6
लिबासपुर बस स्टैंड 10 6 14 6
मुकुंदपुर चौक 7 6 12 6
मोती बाग फ्लाईओवर 7 5 15 5
नंगली पूना 4 5 5 5
सिरसपुर 2 5 3 5
शास्त्री पार्क रेड लाइट 21 4 22 4

साइकल सवारों के लिए क्या हैं दिक्कतें?

  1. सड़कों और फ्लाईओवरों पर सुरक्षित साइकल लेन का अभाव
  2. साइकल लेन का जगह-जगह दूसरे ट्रैफिक से मिक्स/मर्ज होना
  3. साइकल लेन में टू व्हीलर्स और अन्य छोटी गाड़ियों का गुजरना
  4. साइकल लेन में हर जगह भारी अतिक्रमण होना
  5. प्लानिंग के वक्त साइकल सवारों की सुरक्षा को नजरअंदाज करना

इन आंकड़ों पर डालिए नजर
वर्ष 2020
दिल्ली में हुए कुल सड़क हादसे – 1119
मौतें – 1151
साइकल सवारों के जानलेवा एक्सिडेंट – 48
साइकल सवारों की मौतें – 48
साइकल सवार जख्मी हुए – 115

साल भर के अंदर चमकेंगी NDMC एरिया की सभी सड़कें
वर्ष 2021 में
दिल्ली में कुल सड़क हादसे – 1145
मौतें – 1180
साइकल सवारों के जानलेवा एक्सिडेंट – 45
साइकल सवारों की मौतें – 45
साइकल सवार जख्मी हुए – 123

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