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Home Cities covid risk in low immunity children: 2 साल से घरों में रहे बच्चों की इम्युनिटी कमजोर, बाहर निकले तो पड़ रहे ज्यादा बीमार, अभी ये 3 दिक्कतें बच्चों को ज्यादा

covid risk in low immunity children: 2 साल से घरों में रहे बच्चों की इम्युनिटी कमजोर, बाहर निकले तो पड़ रहे ज्यादा बीमार, अभी ये 3 दिक्कतें बच्चों को ज्यादा

covid risk in low immunity children: 2 साल से घरों में रहे बच्चों की इम्युनिटी कमजोर, बाहर निकले तो पड़ रहे ज्यादा बीमार, अभी ये 3 दिक्कतें बच्चों को ज्यादा


नई दिल्ली: पिछले दो साल से बच्चे कोविड की वजह से घरों में कैद थे। बाहरी आबोहवा से उनका संपर्क नहीं के बराबर हुआ, जिससे उनकी इम्युनिटी कमजोर रही। इसका नतीजा यह है कि बच्चे जब दो साल बाद घर से बाहर निकले और स्कूल जाना शुरू किया तो बाहरी वातावरण को झेल नहीं पा रहे हैं और ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। पिछले दो साल की तुलना में इस बार तीन से चार गुणा बच्चे बीमार होकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। दिल्ली में जारी भीषण गर्मी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार मौसम की मार बच्चों के लिए बहुत खतरनाक साबित हो रही है।

मणिपाल हॉस्पिटल के पीडियाट्रिशियन डॉक्टर विकास तनेजा ने बताया कि इस बार बच्चे बहुत ज्यादा बीमार हो रहे हैं। पिछले दो साल में इन दिनों में अगर 4 से 5 बच्चे इलाज के लिए आ रहे थे, तो अभी यह संख्या 30 से 40 तक पहुंच जा रही है। कई बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, इसलिए उन्हें एडमिट करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दरअसल बीमारी के खिलाफ इम्युनिटी एक्सपोजर से मिलती है, न कि कुछ खाने-पीने से। पिछले दो साल से बच्चे घरों में बंद थे, उन्हें इम्युनिटी नहीं मिली और अब जब सभी एक साथ बाहर निकले हैं तो इम्युनिटी के अभाव में बीमार पड़ रहे हैं।

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4 गुणा बढ़े वायरल इन्फेक्शन के केस
डॉक्टर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वायरल इन्फेक्शन के मरीज 4 गुणा बढ़ गए हैं। कुछ बच्चे वायरल फीवर, कफ-कोल्ड के साथ ब्रीदिंग की समस्या की वजह से पहुंच रहे हैं। ऐसे बच्चों को एडमिट करना पड़ रहा है। कुछ बच्चे एलर्जी से बीमार पड़ रहे हैं, ऐसे बच्चों को फीवर नहीं है, लेकिन उन्हें एलर्जी की वजह से कफ और कोल्ड की दिक्कत हो रही है। पिछले दो महीने से टीबी और टाइफाइड के मामले भी बढ़ गए हैं। फीवर व लूज मोशन हो रहा है। चार पांच दिन बाद भी फीवर कम नहीं हो रहा। इनमें टाइफाइड पाया जा रहा है। वहीं, इस बार कुछ मामले टीबी के भी आ रहे हैं, जो चिंता की बात है।

अभी तीन तरह परेशानियां एकसाथ
बच्चों के स्पेशलाइज्ड रेनबो हॉस्पिटल की पीडियाट्रिशियन डॉक्टर अनामिका दूबे ने कहा कि तीन तरह की दिक्कत है। पहला, बहुत ज्यादा गर्मी व ड्राई हीट है। बहुत दिनों बाद जो बाहर निकल रहे हैं, वो इसके शिकार हो रहे हैं। दूसरा, तापमान में बदलाव है। दिल्ली में गर्मी 42 डिग्री तक पहुंच गई है, धूल बहुत उड़ रही है, घर से बाहर निकलने वाले बच्चों को एलर्जी और सांस में दिक्कत हो रही है। तीसरी वजह हाइड्रेशन की है। बच्चे ज्यादा पानी नहीं पीते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि कुछ बच्चों को पेट दर्द, वॉमिटिंग और लूज मोशन हो रहा है। रात में अचानक इस तरह की दिक्कत होने वाले बच्चे का शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता है। ऐसे बच्चों को एडमिट करना पड़ता है। जितने बच्चे आ रहे हैं उनकी प्रोटोकॉल के अनुसार कोविड जांच भी कराई जा रही है। मेरी ओपीडी में औसतन रोज बच्चे कोविड पॉजिटिव निकल रहे हैं, लेकिन उन्हें कोविड की वजह से कोई कंप्लीकेशन नहीं हो रही। वहीं डॉक्टर विकास तनेजा का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से जितने बच्चे एडमिट हो रहे हैं, सबकी कोविड जांच की जा रही है, लेकिन उनके यहां अभी बहुत कम पॉजिटिव मिले हैं। जो मिले भी हैं, वे बहुत ही नॉर्मल सिम्प्टम वाले हैं। कोविड को लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है।

धर्मशिला नारायणा सुपर स्पेशएलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर गौरव जैन के अनुसार, इन दिनों बचाव के ये तरीके अपनाने की जरूरत है…

  • खूब पानी पीएं। बच्चों को ज्यादा से ज्यादा लिक्विड दें, चाहे सादा पानी हो, छाछ हो, नारियल पानी हो या जूस
  • इस समय बच्चे हों या बुजुर्ग सभी को तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए। नॉर्मल खाना खाएं, मसालेदार न खाएं
  • इस समय हल्के व सूती कपड़े ही पहनें, घर से बाहर जाते समय सिर पर कैप लगाएं
  • बाहर से आने पर तुरंत एसी या पंखे में न रहें, कुछ देर तक नॉर्मल हों, उसके बाद एसी चलाएं
  • बाहर जाएं तो साथ में पानी लेकर जाएं, हो सके तो ग्लूकोज पानी का इस्तेमाल करें
  • खाने में मौसमी फल और हरी सब्जियों का इस्तेमाल करें

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