All India Majlis e Ittehadul Muslimeen ke leader aur Asaduddin Owaisi brother akbaruddin owaisi ko Hyderabad ki special court ne kiya bari jane kya tha pura Mamala :akbaruddin owaisi asaduddin owaisi photo : हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट ने असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन को किया बरी, जानें क्या था हेड स्पीच का पूरा मामला

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हैदराबाद : हेड स्पीच मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी को कोर्ट में बड़ी राहत दी है। जिन मामलों में उनके खिलाफ ऐक्शन होने की चर्चा हो रही थी, कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है। मामला हैदराबाद की विशेष अदालत ने चल रहा था। मंगलवार को कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली थी और बुधवार को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी।

सांसदों और विधायकों के खिलाफ सुनवाई करने वाली विशेष सत्र अदालत ने इसके पहले फैसला सुनाने का दिन मंगलवार तय किया था। लेकिन बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकील की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला बुधवार तक के लिए टाल दिया था। बुधवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया।

दो मामले हुए थे दर्ज
अकबरुद्दीन तेलंगाना विधानसभा में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के भाई भी हैं। अकबरुद्दीन के खिलाफ निजामाबाद और निर्मल में कथित रूप से नफरत फैलाने वाला भाषण देने का मामला वर्ष 2012 में दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई को लेकर अकबरुद्दीन मंगलवार को अदालत के समक्ष पेश हुए थे।

एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन पर सार्वजनिक भाषण के दौरान एक समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काने वाली भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था।

40 दिनों तक जेल में रहे
अकबरुद्दन ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाला भाषण निजामाबाद में आठ दिसंबर, 2012 को और निर्मल कस्बे में 22 दिसंबर, 2012 को भाषण दिया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। वह 40 दिनों तक जेल में रहे थे, उसके बाद उन्हें जमानत पर जेल से रिहा किया गया था।

2016 में दायर हुई थी चार्जशीट
अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने निजामाबाद मामले की जांच करके वर्ष 2016 में आरोपपत्र दाखिल किया। इसी तरह निर्मल मामले में भी जिला अदालत ने वर्ष 2016 में आरोपपत्र दाखिल किया था। अपराध जांच विभाग ने 41 गवाहों से पूछताछ की थी। इसी तरह निर्मल पुलिस के दर्ज मामले में 33 गवाहों से पूछताछ की गई थी।

अकबरुद्दीन पर यह बयान देने का था आरोप
‘लोग मुसलमान को डरा रहे हैं। मोदी है.. मोदी है… काहे का मोदी.. एक बार हैदराबाद आ जाओ बता देंगे। तसलीमा नसरीन आई कहां है किसी को नहीं मालूम। हिंदुस्तान हम 25 करोड़ हैं.. तुम 100 करोड़ है न.. ठीक है तुम तो हमसे इतने ज्यादा हो… 15 मिनट पुलिस को हटा लो हम बता देंगे कि किसमें कितना दम है। एक हजार क्या? एक लाख क्या एक करोड़ नामर्द मिलकर भी कोशिश कर लें तो भी एक को पैदा नहीं कर सकते। और ये लोग हमसे मुकाबला नहीं कर सकते। जब मुसलमान भारी पड़ा तो यह नामर्दों की फौज आ जाती है।’

RSS को लेकर दिया था बयान
‘कोई भी आरएसएस वाले, कोई भी हमारा बाल भी बांका नहीं कर सकता और याद रखो दुनिया उसी को डराती है जो डरता है। दुनिया उसी से डरती है जो डराना जानता है। क्या है अकबरुद्दीन ओवैसी से नफरत क्यों है? नफरत क्यों? सौ सुनार की तो एक लोहार की। पंद्रह मिनट ऐसा दर्ब है जो अभी भी नहीं भर सका’

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