aiims study on bike riders: बाइक पर दोनों पैर एक तरफ करके बैठने में दोगुना खतरा

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विशेष संवाददाता, नई दिल्लीः एम्स ट्रॉमा सेंटर में 23 साल की एक युवती जिंदगी और मौत से जूझ रही है। बाइक पर बिना हेलमेट सवारी करना महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए जान पर बन गया। गनीमत यह रही कि युवती हादसे के बाद समय पर अस्पताल पहुंच गई और एम्स ट्रॉमा सेंटर के न्यूरोसर्जन की टीम ने सर्जरी कर महिला की जान बचाने में कामयाबी हासिल की। लेकिन, डॉक्टरों का कहना है कि बिना हेलमेट सवारी करना जानलेवा साबित हो सकता है। जो महिलाएं बिना हेलमेट बाइक पर एक तरफ दोनों पैर करके सवारी करती हैं, उनमें मौत का खतरा दोगुना है।

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एम्स ट्रॉमा सेंटर के न्यूरोसर्जन डॉक्टर दीपक गुप्ता ने कहा कि मामला यूपी का है। महिला बाइक पर बिना हेलमेट के थी। गिरने से सिर में गंभीर चोट आई। दिमाग मे सूजन और ब्लीडिंग हो गई थी। हमने सर्जरी कर हड्डी हटा दी है। अभी महिला वेंटिलेटर सपोर्ट पर है, धीरे-धीरे वेंटिलेटर सपोर्ट कम किया जा रहा है। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बच्चे की हार्ट बीट सही आ रही है। लेकिन बाइक पर बिना हेलमेट सवारी करना बेहद खतरनाक होता है, खासकर पीछे बैठने वाले को ज्यादा इंजरी होती है। डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि बाइक पर दोनों पैर एक तरफ लटकाकर बिना हेलमेट बैठने वाली महिलाओं में एक्सिडेंट की स्थिति में मौत का खतरा दोगुना है। लेकिन, हेलमेट पहनने पर यह खतरा 50 से 60 पर्सेंट तक कम हो जाता है। हेलमेट पहनने पर एक्सिडेंट में सर्वाइकल इंजरी को 20 पर्सेंट तक कम किया जा सकता है। साड़ी, दुपट्टा या बुर्का अक्सर बाइक में फंस जाते हैं और यह न केवल एक्सिडेंट की वजह बनता है, बल्कि एक तरफ बैठने से चोट भी ज्यादा लगती है।

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बाइक पर पीछे बैठने वाले बस 37% पहनते हैं हेलमेट
उन्होंने कहा कि एम्स ट्रॉमा सेंटर की एक स्टडी में पता चला है कि बाइक चलाने वाले 61 फीसदी पुरुष हेलमेट पहनते हैं, जबकि बाइक या स्कूटर चलाने के दौरान 68 फीसदी महिलाएं हेलमेट पहनती हैं। लेकिन बाइक पर पीछे बैठने के दौरान केवर 37 फीसदी लोग हेलमेट पहनते हैं और केवल 4 फीसदी महिलाएं ही हेलमेट पहनती हैं। वहीं, एम्स ट्रॉमा सेंटर के सर्जन डॉक्टर अमित गुप्ता की अगुवाई में हुई स्टडी में पता चला है कि बाइक चलाने वाले पुरुषों की तुलना में पीछे बैठने वाली महिलाओं को एक्सिडेंट में ज्यादा चोट पहुंचती है। इस रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के दौरान बिना हेलमेट पहने बाइक पर बैठने वाली 10.46% महिलाओं की मौत हो गई जबकि 17.10% को गंभीर हेड इंजरी हुई। स्टडी में 2460 पुरुष और 258 महिलाओं को शामिल किया गया था। पुरुष राइडर्स 2718 और 14 महिला राइडर्स शामिल थींय़

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