डरावना… रात में सुनसान हाइवे पर महिला पत्रकार को उतारकर भाग गया ड्राइवर, पुलिस की मदद से पहुंची घर

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विशेष संवाददाता, नई दिल्लीः ऐप आधारित कैब सेवाओं ने अपने कस्टमर्स को किस तरह ड्राइवरों और ऑटो जेनरेटेड मैसेजिंग सिस्टम के रहमोकरम पर छोड़ रखा है, उसी का एक और गंभीर उदाहरण बुधवार को राजधानी में सामने आया, जब ओला कैब से जुड़े एक कैब ड्राइवर ने एक महिला यात्री को रात के वक्त उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचाने और राइड पूरी करने से पहले बीच रास्ते में ही सुनसान सड़क पर छोड़ दिया और वहां से भाग निकला। जिस जगह महिला को ड्रॉप किया गया, वह हाइवे का सुनसान इलाका था, जहां रात के वक्त आसानी से मदद मिलना भी मुश्किल था।

राहत की बात केवल इतनी थी कि महिला एक बस स्टॉप के पास कैब से उतरी थी, जहां थोड़ी रोशनी थी। मगर वहां काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें कोई ऑटो या टैक्सी नहीं मिली। आखिरकार, कुछ देर बाद पुलिस की एक जिप्सी वहां से गुजरी, जिसे देखकर महिला ने हाथ देकर मदद के लिए रोका और फिर पुलिसवालों ने एक ऑटो को रुकवाकर महिला को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने में मदद की।

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ये घटना द्वारका में रहने वाली अंग्रेजी अखबार की महिला जर्नलिस्ट के साथ हुई। उन्होंने बताया कि उन्होंने बुधवार रात लगभग दस बजे प्रेस क्लब से घर जाने के लिए ओला कैब ली थी। जाने से पहले ही उन्होंने ड्राइवर को बताया था कि उन्हें द्वारका जाना है और कैश ही पेमेंट करेंगी।

महिला पत्रकार ने बताया कि ड्राइवर ने उन्हें पिक तो कर लिया लेकिन धौला कुआं के समीप पहुंचकर उसने बताया कि उसकी कैब की सीएनजी खत्म होने वाली है और वह पहले सीएनजी स्टेशन पर गैस लेकर ही आगे जाएगा। इस पर पत्रकार ने आपत्ति की और कहा कि रात के वक्त अगर सीएनजी कम थी तो उसे सवारी ही नहीं लेनी चाहिए थी। लेकिन पत्रकार का कहना है कि जिस स्टेशन से उसने सीएनजी लेनी थी, वहां पहले से ही कतार लगी हुई थी। ऐसे में रात के वक्त उन्हें और देरी होती। लेकिन ड्राइवर अड़ा रहा और उसने आगे जाने से इनकार कर दिया।
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उसके बाद ड्राइवर महिला पत्रकार को सुब्रतो पार्क से आगे सबवे के पास बने बस स्टॉप पर उतारकर चला गया। बाद में वे पुलिस की मदद से घर पहुंच सकीं। बाद में पत्रकार ने ओला के ऐप पर मैसेज भी किया और ट्वीट करके घटना की जानकारी भी दी। लेकिन कंपनी ने शिकायतकर्ता को कोई जवाब नहीं दिया लेकिन ओला के प्रवक्ता ने इस शिकायत पर संज्ञान लेने की बात कही।

कैब ड्राइवर्स अक्सर करते हैं मनमानी
महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने ड्राइवरों को जागरूक करने, उन्हें ट्रेनिंग दिलाने, गाड़ी में पैनिक बटन लगाने, ऐप में नए फीचर्स जोड़ने जैसे तमाम दावे करने के बावजूद दिल्ली में ऐप आधारित कैब सेवाओं का बुरा हाल है। राइड कैंसल करने, कैश पेमेंट के लिए दबाव बनाने से लेकर यात्रियों के साथ बदसलूकी जैसी तमाम शिकायतें एक बार फिर तेजी से बढ़ती जा रही हैं, लेकिन कहीं कोई एक्शन लिया जाता नहीं दिख रहा है।

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कैसे होगी सुरक्षा?

  • राजधानी में ऐप आधारित कैब सेवाओं के ड्राइवर्स की खुलेआम मनमानी जारी
  • ड्राइवर ने सीएनजी भरवाने की बात कही, महिला ने कहा कि पहले उन्हें घर छोड़ दे
  • ड्राइवर नहीं माना, रात 10:30 बजे उन्हें एनएच-8 पर सुनसान जगह उतारकर चला गया
  • पुलिस की जिप्सी को हाथ देकर मदद मांगी, पुलिसवालों ने ऑटो में बिठाकर घर छुड़वाया
  • ओला ऐप के जरिए मदद पाने की कोशिश रही नाकाम, ट्वीट का भी कोई जवाब नहीं

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